रहन-सहन

इस गाँव का रहन-सहन लगभग साधारण ही है जैसा की हर गाँव में होता है यहाँ के लोग कच्चे एवं पक्के मकान में रहते है जो लोग ग़रीब है उनको सरकार की तरफ से इंदिरा आवास के तहत मकान दिए गये है और जो सक्षम है वे अपने बनाएँ हुए मकान में रहते है गाँव के अधिकतर लोग खेती पर निर्भर है और कुछ लोग नौकरी भी करते है चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट सभी लोग कुछ ना कुछ काम करते रहते है ताकी अपना और अपने परिवार का पेट भर सके!

कृषि कार्य

गाँव में रबी, खरीफ व धन देने वाली फसल का उत्पादन होता है। देश में हरित क्रांति में जब से बिजली का आगमन हुआ तो किसानों के साथ खेती से जुडे लोगों की स्थिति ही बदल गई। इसके बाद खेतों में ट्यूब वेल लगे और किसानों नें खरीब की फसल के साथ ही रबी की फसल का भी उत्पादन करना शुरू किया। गाँव की अधिकांश कृषि भूमि पर रबी की फसल होने लगी। गांव में रबी की फसल में गैहूं,चना,जौ,मैथी,सरसों आदि फसलों का उत्पादन होता है। खरीफ की फसल में बाजरा, मूंग, ज्वार, बाजरा,  आदि फसलों का उत्पादन किया जाता है। फसल में प्याज,लहसून,जीरा,धनिया आदि फसलों के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। पिछले कई सालों के मुकाबलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा उनके रहन सहन में बदलाव हुआ है।

कृषि विभाग की योजना:

  • माइक्रो मैनेजमेंट
  • आइसोपाम
  • कृषि सांखियकी सुधार योजना
  • कपास योगदान
  • फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन आँकड़े
  • फसल बीमा योजना
  • कृषक प्रक्षेत्रों पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग

रोजगार

Coming Soon…………………………………….
 

मुख्य व्यक्ति

Coming Soon…………………………………….
 

विकास कार्य

ग्राम पंचायत के द्धारा सभी गाँव में पुल / पुलिया का निर्माण एवं मरम्मत का कार्य, सड़क निर्माण, गाँवों में हॅंडपंप लगवाना, वृक्षारोपण कराना, भवन निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है ताकी गाँव वालों को किसी की कमी ना हो यही ग्राम पंचायत का उद्देश्य है!

प्रधान व पंचायत सदस्य

पंचायत कार्यालय : हृद्यपुर
पंचायत में कुल वार्ड : 11
प्रधान: चंद्र कुमार
शिक्षा:
प्रधान से पहले:
सचिव: सर्व कुमार
पंचायत सदस्य:-

  1. छोटक सिंह
  2. बृजेश कुमार
  3. आरती देवी
  4. गीता देवी
  5. मनोज कुमार
  6. नंदलाल
  7. तीजा
  8. कलावती देवी

राजस्व

गोइठहा
भौगोलिक क्षेत्रफल: पठारी
कृषि योग्य भूमि: 105 हेक्टेयर
गाँव समाज भूमि: 25 हेक्टेयर
सथवा
भौगोलिक क्षेत्रफल: पठारी
कृषि योग्य भूमि: 120 हेक्टेयर
गाँव समाज भूमि: 30 हेक्टेयर

हृदयपुर
भौगोलिक क्षेत्रफल: पठारी
कृषि योग्य भूमि: 109 हेक्टेयर
गाँव समाज भूमि: 09 हेक्टेयर

राजनहियाँ
भौगोलिक क्षेत्रफल: पठारी
कृषि योग्य भूमि: 130 हेक्टेयर
गाँव समाज भूमि: 15 हेक्टेयर

नवापुरा
भौगोलिक क्षेत्रफल: पठारी
कृषि योग्य भूमि: 110 हेक्टेयर
गाँव समाज भूमि: 10 हेक्टेयर

पट्टा
कैसे ले पट्टा
पट्टा(व्यावसायिक या आवासीय) लेने के लिए सबसे पहले ग्राम पंचायत को संबंधित व्यक्ति द्वारा पट्टा लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाता है।
उसके बाद ग्राम पंचायत की साधारण मीटिंग या ग्राम सभा में पट्टे का मामला रखा जाता है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को पट्टा मिले या नहीं इसके संबंध में प्रस्ताव लिया जाता है।
ग्राम पंचायत दो पंचों को जांच के लिए नियुक्त करेगी जो मौके पर जांच कर रिपोर्ट ग्राम पंचायत को देंगे।
पूरी तरह सही पाए जाने के बाद सरपंच प्रार्थि को पट्टा जारी करेगा।

नामांतरण
क़्या है नामांतरण
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खातेदार के नाम में ही जैसे विरासत,बेचान, न्यायालय निर्णय या दुरूस्तीकरण आदि मे परिवर्तन ही नामांतरण हैं। ग्राम पंचायत विरासतन एवं विक्रय के नामांतरण के निर्णय करने में सक्षम हैं

ग्राम सभा

Coming Soon…………………………………….
 

ग्राम समिति

  1. प्रशासन एवं स्थापना समिति
  2. वित्त एवं कराधान समिति
  3. विकास एवं उत्पादन समिति
  4. शिक्षा समिति
  5. सामाजिक सेवा एवं सामाजिक न्याय समिति
  6. ग्रामीण विकास समिति
  7. सामाजिक अंकेक्षण समिति

बी. पी. एल. / ए. पी. एल.

बी.पी. एल परिवारों की संख्या / नाम:  176

ए.पी.एल. परिवारों की संख्या / नाम:  – 782